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“वैली ऑफ़ वर्ड्स” का हिंदी चैप्टर का आयोजन वडोदरा में

दिनांक 22 और 23 अक्टूबर को भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी में “वैली ऑफ़ वर्ड्स” नामक प्रतिष्ठितअखिल भारतीयसाहित्य उत्सव के हिंदी चैप्टर का आयोजन किया जा रहा है।  इस महोत्सव में भाग लेने हेतु राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के  लेखक तथा कलाकार वडोदरा आ रहे हैं । अस्तु, यह आयोजन पूरे वडोदरा के लिए गर्व का विषय है।  वैली ऑफ़ वर्ड्स साहित्य महोत्सव के वडोदरा चैप्टर के उदघाटन सत्र के मुख्य अतिथि कमिश्नर पुलिस वडोदरा, श्री शमशेर सिंह हैं । कार्यक्रम के उदघाटन सत्र की अध्यक्षता भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी के महानिदेशक श्री एस.पी.एस. चौहान करेंगे। वैली ऑफ़ वर्ड्स  साहित्य महोत्सव के राष्ट्रीय संयोजक लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के पूर्व महानिदेशक डॉक्टर संजीव चोपड़ा हैं।

22  अक्टूबर की शाम को जयपुर घराने की ख्यातिलब्ध कत्थक नृत्यांगना श्रीमती मनीषा गुलयानी द्वारा कत्थक प्रस्तुति होगी और 23 अक्टूबर की शाम को एक हिंदी-गुजराती काव्य संध्या का आयोजन किया जाएगा।   इस महोत्सव में सहभागिता दर्ज कराने श्रीमती वंदना राग, श्रीमती ममता किरण, श्री लक्ष्मी शंकर बाजपेयी,श्रीमती ममता कालिया, श्रीमती नीति सिंह आदि राष्ट्रीय स्तर के लेखक और हिन्दीविद वडोदरा आ रहे हैं।

यह पहली बार है कि इस प्रतिष्ठित साहित्य महोत्सव के एक चैप्टर का आयोजन गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी वडोदरा में किया जा रहा है।  बड़ौदा में वैली ऑफ़ वर्ड्स के सत्र हिंदी भाषा से संबंधित है और गुजरात का हिंदी से बड़ा गहरा लगाव रहा है। हिंदी भाषा का विकास पढ़ते हुए जब आदिकाल का अध्ययन होता है तो कवि हेमचंद्र को पढ़ाया जाता है। हेमचंद्र का संबंध गुजरात से ही है। मध्यकाल के दादू दयाल इसी भूमि से थे, मीराबाई ने अपने जीवन के अंतिम बरस यहीं गुज़ारे। नरसिंह मेहता का लिखा ‘वैष्णव जनतो’ बापू के प्रिय भजनों में से एक रहा और देश भर में गाया जाता है। यानी अगर आप देखें तो हिंदी भाषा और गुजरात का संबंध गहरा भी है और बेहद पुरानी भी। निश्चय  ही इस आयोजन से गुजरात और हिंदी के ऐतिहासिक सम्बन्ध को और बल मिलेगा।